Kamika Ekadashi- Vrat, Timing, Date, Importance, Glory and more | कामिका एकादशी 2022

एकादशी

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कामिका एकादशी दिनांक और वार

कामिका एकादशी दिनांक 11, श्रावण कृष्ण पक्ष, सप्तमी 2079, विक्रम सम्वत

Date- 24 July 2022

Kamika Ekadashi Katha | कामिका एकादशी कथा


एक बार देवऋषि नारद जी ने ब्रम्हा से पूछा की है पितामह, श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के वारे में जानने कि बड़ी इच्छा है।
ब्रम्हा जी बोले कि है नारद कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहते है , इसकी कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य के को गंगा स्नानं पुष्कर स्नान से जैसा ही फल प्राप्त होता है कि भगवान बिष्णु के द्वारा कहे गए , जो पुण्य आपको चार धाम यात्रा दान, आदि से प्राप्त नहीं होता वह पुण्य आपको भगवान विष्णु की पूजन करने से प्राप्त हो जाता है इसलिए कामिका एकादशी को भगवान विष्णु और श्री कृष्ण की पूजा कि जाती है।

कामिका एकादशी उद्देश्य :


कामिका एकादशी के दिन जो मनुष्य भगवान विष्णु का पूजन था रात्रि को जागरण करता है उसके पैतृक ऊपर अमृत पान करते है । और जो मनुष्य रात्रि को मंदिर में दीपक जलाता है वह मनुष्य सूर्य के समान प्रकाशित होता है।

कामिका एकादशी व्रत


भगवान श्री कृष्ण ने इस एकादशी के बारे ने युधिष्ठिर को बताया कि इस एकादशी का व्रत करने से आपको गंगा स्नान करने चार धाम यात्रा करने जैसा फल प्राप्त होता है जो भी व्यक्ति सावन के इस महा में कामिका एकादशी का व्रत करता है उस व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कामिका एकादशी व्रत को कथा सुनने या पढ़ने से उस व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान कृष्ण का स्नेह सदा बना रहता है।

कामिका एकादशी का महत्व :


इस वार कामिका एकादशी शनिवार रात्रि से प्रारम्भ हो रही है कामिका एकादशी इस वार आप शनि देव कि उपासना के साथ साथ एकादशी व्रत रखे और जिससे आपको इस वार आपके जीवन चल रहे समस्याओं से मुक्ति प्राप्त होगी , भगवान श्री कृष्ण के कहे अनुसार आपको मृत्यु के बाद मोक्ष कि प्राप्ति होगी।

कामिका एकादशी महिमा


कामिका एकादशी कि महिमा है कि जो मनुष्य भगवान विष्णु या श्री कृष्ण कि पूजा करते है , जो मनुष्य श्रावण मास में भगवान कि उपासना करता उस मनुष्य के पिछले सभी पापों से मुक्ति प्राप्त होती है। या जो मनुष्य श्रावण मास में कथा भगवान का पूजन नित्य करता है उसके द्वारा किये गए पिछले सभी पापों से मुक्ति प्राप्त होती है।
है! नारद जो मनुष्य अपने पापों से मुक्ति पाना चाहते, श्रावण मास कि कामिका एकादसी का व्रत करें तथा श्री कृष्ण कि पूजा करें पापों से मुक्ति अवश्य मिलेगी।

कामिका एकादशी व्रत में क्या खाये


चावल व चावल से बना किसी भी प्रकार का भोजन नहीं करना चाहिए। दूसरे दिन चावल से बने भोजन का भोग लगाए और प्रसाद लें
व्रत के उपरांत दो टाइम ही फलहार करें। भगवान के भोग में तुलसीदल प्रयोग अवश्य करें और पानी में भी तुलसीदल डालकर ही पानी पिए

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